बांदवानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
लखीराम किस्कू (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 56.2% वोट पाकर बांदवान सीट जीती और शीतल चन्द्र हेम्ब्रम (INC) को 35,583 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 233 रानीबांध थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 233 गड़बेता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लखीराम किस्कू 37.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लखीराम किस्कू वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 53,68056.2% |
| 2 | शीतल चन्द्र हेम्ब्रम | 18,09718.9% | |
| 3 | कमला कान्ता बास्की निर्दलीय | निर्दलीय | 17,44018.3% |
| 4 | अजीत कुमार हाँसदा JMM(M) | JMM(M) | 2,8092.9% |
| 5 | सुरेन्द्र किस्कू | 1,6641.7% | |
| 6 | जोग्येश्वर मुर्मू JKP | JKP | 7820.8% |
| 7 | रामा कनाई किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 6050.6% |
| 8 | निरंजन सोरेन AMB | AMB | 4600.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांदवान से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.2% से बढ़कर 56.2% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 71.8% से बढ़कर 76.0% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सुधांशु शेखर माझी (CPM), जीत का अंतर 9.6%
- 1982सुधांशु सरकार माझी (CPM), जीत का अंतर 22.2%
- 1987लक्षी राम किस्कू (CPM), जीत का अंतर 19.8%
- 1991लखी राम किस्कू (CPM), जीत का अंतर 28.5%
- 1996लखीराम किस्कू (CPM), जीत का अंतर 37.3%
- 2001उपेंद्रनाथ हाँसदा (CPM), जीत का अंतर 18.1%
- 2006उपेन्द्र नाथ हाँसदा (CPM), जीत का अंतर 29.9%