जादवपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 55.6% वोट पाकर जादवपुर सीट जीती और काकलि घोष दस्तीदार (INC) को 36,184 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 108 बिष्णुपुर पूर्व थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 108 बैरकपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बुद्धदेव भट्टाचार्जी 18.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बुद्धदेव भट्टाचार्जी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 1,08,54855.6% |
| 2 | काकलि घोष दस्तीदार | 72,36437.0% | |
| 3 | रजत राय | 11,5315.9% | |
| 4 | संध्या मंडल | 1,1300.6% | |
| 5 | धीरेश गोस्वामी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7400.4% |
| 6 | भूषण मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.2% |
| 7 | देबोश्मिता दे निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.2% |
| 8 | हराधन सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जादवपुर से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.3% से बढ़कर 55.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 74.0% से बढ़कर 79.6% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977दिनेश मजूमदार (CPM), जीत का अंतर 46.1%
- 1982शंकर गुप्ता (CPM), जीत का अंतर 34.6%
- 1987बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM), जीत का अंतर 30.9%
- 1991बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM), जीत का अंतर 23.4%
- 1996बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM), जीत का अंतर 18.5%
- 2001बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM), जीत का अंतर 14.5%
- 2006बुद्धदेव भट्टाचार्जी (CPM), जीत का अंतर 27.9%