हाबड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बारेन बसु (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.7% वोट पाकर हाबड़ा सीट जीती और अब्दुल हमीद मंडल (INC) को 943 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 87 बादुड़िया थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 87 राणाघाट उत्तर पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हाबड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 943 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बारेन बसु वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 65,25443.7% |
| 2 | अब्दुल हमीद मंडल | 64,31143.0% | |
| 3 | समरेंद्र चक्रवर्ती | 14,0469.4% | |
| 4 | प्रोनति बिस्वास | 2,7221.8% | |
| 5 | शंकर घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3460.9% |
| 6 | तपन साहा | 1,1340.8% | |
| 7 | बिस्वजीत दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.2% |
| 8 | सिराजुल हक | 1970.1% | |
| 9 | अता सहराब उद्दीन INL | INL | 1630.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हाबड़ा से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.5% से बढ़कर 43.7% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 81.2% से बढ़कर 85.3% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।
- 1977नीरोद राय चौधुरी (CPM), जीत का अंतर 23.0%
- 1982नीरोद राय चौधुरी (CPM), जीत का अंतर 9.8%
- 1987कमल सेन गुप्ता (बोस) (CPM), जीत का अंतर 10.1%
- 1991कमल सेनगुप्ता (बोस) (CPM), जीत का अंतर 2.5%
- 1996बारेन बसु (CPM), जीत का अंतर 0.6%
- 2001तपती दत्त (AITC), जीत का अंतर 2.5%
- 2006प्रणब कुमार भट्टाचार्य्या (CPM), जीत का अंतर 16.4%