डायमण्ड हारबरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
शेख दौलत अली (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर डायमण्ड हारबर सीट जीती और अब्दुल क़य्यूम मोल्ला (CPM) को 6,101 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 119 नैहाटी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 119 बारासात है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शेख दौलत अली 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेख दौलत अली | 61,74447.0% | |
| 2 | अब्दुल क़य्यूम मोल्ला वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 55,64342.4% |
| 3 | अजीत मंडल | 11,6978.9% | |
| 4 | ग़ियासुद्दीन मोल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 8890.7% |
| 5 | श्रीगोपाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5650.4% |
| 6 | प्रणब दास गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.3% |
| 7 | मंडल मो. नहबुबर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.2% |
| 8 | बटा कृष्ण मिस्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डायमण्ड हारबर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 72.4% से बढ़कर 81.2% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977अब्दुल क़य्यूम मोल्ला (CPM), जीत का अंतर 28.5%
- 1982अब्दुल कियाम मोल्ला (CPM), जीत का अंतर 26.3%
- 1987अब्दुल क़य्यूम मोल्ला (CPM), जीत का अंतर 18.0%
- 1991अब्दुल क़य्यूम मोल्ला (CPM), जीत का अंतर 18.1%
- 1996शेख दौलत अली (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2001ऋषि हालदार (CPM), जीत का अंतर 2.3%
- 2006ऋषि हालदार (CPM), जीत का अंतर 3.9%