क्रांतिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सुधन राहा (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 55.8% वोट पाकर क्रांति सीट जीती और सुभाष दास (INC) को 22,029 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 19 राजगंज थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 19 डाबग्राम-फुलबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुधन राहा 19.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुधन राहा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 61,80355.8% |
| 2 | सुभाष दास | 39,77435.9% | |
| 3 | कमलेंदु देब शर्मा | 6,8356.2% | |
| 4 | सुबरता उरांव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7541.6% |
| 5 | रमणी मोहन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.4% |
| 6 | चन्द्र शेखर चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
क्रांति से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 55.8%। मतदान प्रतिशत 1991 के 76.8% से बढ़कर 86.3% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।