क्रांतिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
परिमल मित्र (CPM) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर क्रांति सीट जीती और अब्दुल हसनात मोहम्मद अबू सालेक (INC) को 2,075 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 19 राजगंज थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 19 डाबग्राम-फुलबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परिमल मित्र वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 13,94033.8% |
| 2 | अब्दुल हसनात मोहम्मद अबू सालेक | 11,86528.8% | |
| 3 | रबीन्द्र नाथ सिकदार जनता | जनता | 5,89414.3% |
| 4 | राधा बल्लभ साहा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 4,15910.1% |
| 5 | पंचानन मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0129.7% |
| 6 | सुधांशु भूषण दास गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 9592.3% |
| 7 | भवानी पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.9% |
| 8 | अनिल गुहा नियोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
क्रांति से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।