गंगारामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
मिनती घोष (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 55.6% वोट पाकर गंगारामपुर सीट जीती और आशीष मजूमदार (BJP) को 22,337 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 35 तपन थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 35 रायगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिनती घोष वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 84,21855.6% |
| 2 | आशीष मजूमदार | 61,88140.9% | |
| 3 | जिबन चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1462.1% |
| 4 | चन्दन सेन गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1610.8% |
| 5 | असीम बागची AIIC(T) | AIIC(T) | 6650.4% |
| 6 | काली पद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3450.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगारामपुर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1987 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.0% से बढ़कर 55.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 80.4% से बढ़कर 82.9% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।