ओंदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अनिल मुखार्जी (FBL) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 56.2% वोट पाकर ओंदा सीट जीती और अरूप खान (INC) को 34,328 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 252 फरीदपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 252 बंकुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अनिल मुखार्जी 28.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल मुखार्जी | 68,07056.2% | |
| 2 | अरूप खान | 33,74227.8% | |
| 3 | बिजय दे | 9,5057.8% | |
| 4 | अब्दुल हई मल्लिक | 4,5793.8% | |
| 5 | गंगा गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4141.2% |
| 6 | जाना रंजन मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0490.9% |
| 7 | शाहजहां मंडल SLAP | SLAP | 9070.8% |
| 8 | अजीत त्रिबेदी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7780.6% |
| 9 | आशीष पात्र | 4960.4% | |
| 10 | शंकर चट्टोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 4910.4% |
| 11 | कृष्णप्रसाद गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ओंदा से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.8% से घटकर 56.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 72.8% से बढ़कर 76.6% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।