कांग्रेस की ओर बड़ा झुकाव
क्या हुआ
कई साल सत्ता से बाहर रहने के बाद कांग्रेस बहुमत के साथ सत्ता में लौटी।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 90 सीटों में से 51 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 5 सीटें ज़्यादा था।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी जनता पार्टी ने 16 सीटें जीतीं।
क्या बदला
पिछले चुनाव के मुक़ाबले लगभग पूरे नक्शे पर पार्टी बदली — 1987 से सरकार चला रही पार्टी के ख़िलाफ़ भारी झुकाव रहा।
इस बार राज्य की 90 सीटों में से 83 सीटों पर पार्टी बदली।
सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि 31 सीटें लोक दल से कांग्रेस के पास चली गईं।
इस चुनाव तक लोक दल की अपनी सीटें बुरी तरह घट गईं।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला रोहट, हरियाणा में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 38 वोट रहा।
दूसरी ओर, आदमपुर, हरियाणा में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 43.1% वोटों से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) छछरौली, हरियाणा में रहा, जहाँ यह 75.7% तक पहुँचा।
उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता फरीदाबाद, हरियाणा में थे, मतदाता सूची में 1,80,067 लोग थे।
पृष्ठभूमि
इस बार पिछले चुनाव से कम मतदाताओं ने वोट डाला, जबकि परिणाम में तेज़ बदलाव हुआ।
हरियाणा में मतदान प्रतिशत 6.5 प्रतिशत अंक घटकर 63.5% रह गया।