नग्गलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
निर्मल सिंह (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 44.1% वोट पाकर नग्गल सीट जीती और गुरबख्श सिंह (JP) को 10,505 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 शाहाबाद थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 10 रादौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्मल सिंह | 31,40744.1% | |
| 2 | गुरबख्श सिंह JP | JP | 20,90229.4% |
| 3 | भूपिंदर सिंह | 10,38314.6% | |
| 4 | फ़कीर चन्द | 3,3974.8% | |
| 5 | मोहन सिंह HVP | HVP | 2,6273.7% |
| 6 | पूरन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4082.0% |
| 7 | जोध सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.4% |
| 8 | देवी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 9 | मोहिंदर सिंह | 1740.2% | |
| 10 | देविंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 11 | बलजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 12 | मोहिंदर सिंह पुत्र तरलोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 13 | बृज बाला निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नग्गल से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 79.3% से घटकर 73.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।