हरियाणा 1987 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
LKD: 60 सीटें (66.7%)BJP: 16 सीटें (17.8%)IND: 7 सीटें (7.8%)INC: 5 सीटें (5.6%)CPI: 1 सीट (1.1%)CPM: 1 सीट (1.1%)बहुमत के लिए 4690सरकार बनाने के लिए 46
चुनाव की कहानी

लोक दल की भारी जीत

क्या हुआ

लोक दल ने राज्य में राज कर रही इंडियन नेशनल कांग्रेस सरकार को हराकर हरियाणा में भारी जीत के साथ सत्ता हासिल की।

उसने 90 में से 60 सीटें जीतीं, जो भारी-भरकम बहुमत के लिए काफ़ी थीं।

इससे वह बहुमत के आँकड़े से 14 सीटें आगे रही।

भारतीय जनता पार्टी 16 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

कांग्रेस पिछले चुनाव से हरियाणा में सरकार चला रही थी, और इस बार वह ढह गई।

राज्य की 90 सीटों में से 54 सीटों पर पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।

सबसे बड़ा बदलाव यह था कि 21 सीटें कांग्रेस से लोक दल के पास गईं।

70.0% तक पहुँचा, जो तब तक राज्य में सबसे ऊँचा था।

अहम आँकड़े

हिसार, हरियाणा का फ़ैसला 1,368 वोटों से हुआ — सबसे ज़्यादा उम्मीदवार भी इसी सीट पर थे, कुल 38।

इस चुनाव का सबसे बड़ा उचाना कलां, हरियाणा में रहा, 63.4% वोट।

रोड़ी, हरियाणा में किसी भी सीट से ज़्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ, 80.3%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से फरीदाबाद, हरियाणा सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 1,58,948 नाम थे।

पृष्ठभूमि

देवी लाल ने चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष का बनाया, जिसमें उनका लोक दल और भारतीय जनता पार्टी मुख्य साझेदार थे।1

सीटों में बड़ी बढ़त के साथ लोक दल का पिछले चुनाव से 14.7 प्रतिशत अंक बढ़ा।

स्रोत
  1. 1 theprint.in prokerala.com

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 90 सीटें