शाहाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
हरनाम सिंह (CPI) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 36.7% वोट पाकर शाहाबाद सीट जीती और खरिती लाल (निर्दलीय) को 11,701 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 नौल्था थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 20 इन्द्री है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरनाम सिंह 18.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरनाम सिंह वाम दल | वाम दल | 23,83136.7% |
| 2 | खरिती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 12,13018.7% |
| 3 | अमीर चन्द | 8,35912.9% | |
| 4 | रघबीर चन्द | 6,87410.6% | |
| 5 | मलिक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2756.6% |
| 6 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9234.5% |
| 7 | वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6274.0% |
| 8 | मिहान सिंह जनता | जनता | 8991.4% |
| 9 | जगजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.8% |
| 10 | बिजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5170.8% |
| 11 | शेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.5% |
| 12 | जगदीश लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.4% |
| 13 | राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.3% |
| 14 | जगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 15 | कुरा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 16 | भुरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 17 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 18 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 19 | तेज प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.2% |
| 20 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.2% |
| 21 | हरबंस सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 22 | विलाती राम निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 23 | हरहबनाज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 24 | माखन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 25 | बचना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 26 | राम चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहाबाद से कौन जीता, 1977–2005
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 75.6% से घटकर 73.4% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।