रादौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
रतन लाल कटारिया (BJP) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 52.8% वोट पाकर रादौर सीट जीती और लहरी सिंह (निर्दलीय) को 20,629 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 21 राजौंद थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 21 करनाल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रतन लाल कटारिया 33.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रतन लाल कटारिया | 32,21552.8% | |
| 2 | लहरी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,58619.0% |
| 3 | चन्द राम | 10,46917.2% | |
| 4 | जसमेर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5714.2% |
| 5 | जगमाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8141.3% |
| 6 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5420.9% |
| 7 | नर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.7% |
| 8 | बली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.5% |
| 9 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 10 | पूरन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.4% |
| 11 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.4% |
| 12 | रामजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.4% |
| 13 | चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.4% |
| 14 | रत्ती राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.3% |
| 15 | गुरदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.2% |
| 16 | जी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.2% |
| 17 | जय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.2% |
| 18 | बालक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 19 | अमी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 20 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 21 | लछमन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 22 | साधू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 23 | खजान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, एक निर्दलीय और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रादौर से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 71.2% से बढ़कर 72.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।