बेहद मामूली बहुमत, और सरकार बदली
क्या हुआ
एक क्षेत्रीय पार्टी ने मौजूदा सरकार की जगह सत्ता संभाली।
इंडियन नेशनल लोक दल ने 90 सीटों में से 47 सीटें जीतीं।
इससे वह 46 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 1 सीटें ऊपर रही।
उसका (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 29.6% रहा।
क्या बदला
इस पार्टी ने इस नाम से पहले कभी सीटें नहीं जीती थीं।
इंडियन नेशनल लोक दल की सीटें 0 से 47 हो गईं।
दूसरे स्थान पर रही पार्टी से कुल मिलाकर कम वोट पाने के बावजूद उसने यह बहुमत जीता।
असल में इंडियन नेशनल कांग्रेस को ज़्यादा वोट मिले: 31.2%, जबकि विजेता को 29.6%।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ी टक्कर मेवला महाराजपुर, हरियाणा में हुई, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 161 वोट रहा।
सबसे बड़ा जीत का अंतर आदमपुर, हरियाणा में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 50.9% वोट आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) छछरौली, हरियाणा में रहा, 86.3%।
सबसे भरा हुआ बैलट हिसार, हरियाणा में था, जहाँ इस सीट के लिए 28 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
इस राज्य के विधान सभा चुनावों में अक्सर क्षेत्रीय दलों ने सत्ता में बैठे राष्ट्रीय दलों को चुनौती दी है।