यमुनानगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
डॉ. जय प्रकाश शर्मा (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 23.8% वोट पाकर यमुनानगर सीट जीती और कमला वर्मा (BJP) को 2,764 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 5 का नाम यमुनानगर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 5 अम्बाला शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. जय प्रकाश शर्मा 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. जय प्रकाश शर्मा | 20,74223.8% | |
| 2 | कमला वर्मा NDA | NDA | 17,97820.6% |
| 3 | रणधीर सिंह | 16,89719.4% | |
| 4 | साहिब सिंह HVP | HVP | 13,95316.0% |
| 5 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 12,01313.8% |
| 6 | पवन कुमार धीमान | 1,9442.2% | |
| 7 | सतपाल मेहता गोरीवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4561.7% |
| 8 | डॉ. जोगिंदर पाल सैनी | 1,1441.3% | |
| 9 | राम किंकर दास | 6240.7% | |
| 10 | गोरख नाथ भारद्वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 5880.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यमुनानगर से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। यह 1982 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 64.3% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।