हथीनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
भगवान सहाय रावत (INLD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 29.5% वोट पाकर हथीन सीट जीती और हर्ष कुमार (HVP) को 1,354 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 रेवाड़ी थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 56 दादरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हथीन का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,354 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवान सहाय रावत INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 23,77729.5% |
| 2 | हर्ष कुमार HVP | HVP | 22,42327.8% |
| 3 | अजमत खान | 16,47120.4% | |
| 4 | युधबीर सिंह जैलदार | 8,82210.9% | |
| 5 | जोगेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4,7735.9% |
| 6 | दलेर सिंह | 3,9084.8% | |
| 7 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.4% |
| 8 | रोजदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 9 | जल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हथीन से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने यह सीट HVP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INLD की पहली जीत थी। यह 1982 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 65.1% से बढ़कर 76.2% हो गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।