हथीनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
हर्ष कुमार (निर्दलीय) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर हथीन सीट जीती और जलेब खान (INC) को 8,830 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 रेवाड़ी थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 56 दादरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हर्ष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 31,87936.0% |
| 2 | जलेब खान UPA | UPA | 23,04926.0% |
| 3 | अजमत खान NDA | NDA | 22,57025.5% |
| 4 | भगवान सहाय रावत NDA | NDA | 3,8254.3% |
| 5 | कैलाश चन्द गुप्ता बहिन | 3,2983.7% | |
| 6 | रतन सिंह सोरोत NDA | NDA | 3,2533.7% |
| 7 | दीनु निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.5% |
| 8 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हथीन से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INLD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2000 के 76.2% से घटकर 71.1% रह गया।