रेवाड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
अभय सिंह (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 45.8% वोट पाकर रेवाड़ी सीट जीती और शोए राज सिंह (VHP) को 693 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 56 हथीन है।
विजेता
रेवाड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 693 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अभय सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 17,38945.8% |
| 2 | शोए राज सिंह VHP | VHP | 16,69644.0% |
| 3 | बाबू दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7054.5% |
| 4 | जिले सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9952.6% |
| 5 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4391.2% |
| 6 | रमेश चन्द्र भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 4051.1% |
| 7 | हरि कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, VHP और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रेवाड़ी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट VHP से छीन ली, जिसने इसे 1968 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1968 के 61.4% से बढ़कर 69.3% हो गया।