घरौंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
रमेश राणा (INLD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर घरौंडा सीट जीती और जयपाल शर्मा (निर्दलीय) को 23,470 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 करनाल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 15 गुहला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रमेश राणा 27.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश राणा INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 43,47951.4% |
| 2 | जयपाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 20,00923.6% |
| 3 | राजेन्द्र सिंह | 16,46019.4% | |
| 4 | राम पाल कश्यप | 1,7612.1% | |
| 5 | सुनहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 7680.9% |
| 6 | राम सिंह कश्यप CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7420.9% |
| 7 | कर्नल महंत अविनाश शर्मा | 5090.6% | |
| 8 | धज्जा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.6% |
| 9 | बारू राम HVP | HVP | 4670.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INLD, एक निर्दलीय और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घरौंडा से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INLD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.6% से बढ़कर 71.3% हो गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INLD ने यह सीट अपने पास रखी।