घरौंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रमेश पुत्र सुलेख चन्द (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 24.2% वोट पाकर घरौंडा सीट जीती और रमेश कुमार राणा पुत्र जगपाल सिंह (SLAP) को 11 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 करनाल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 15 गुहला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
घरौंडा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 11 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
35 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश पुत्र सुलेख चन्द BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 20,23024.2% |
| 2 | रमेश कुमार राणा पुत्र जगपाल सिंह SLAP | SLAP | 20,21924.2% |
| 3 | राम पाल सिंह | 11,97314.3% | |
| 4 | राम किशन AIIC(T) | AIIC(T) | 8,36710.0% |
| 5 | वेद प्रकाश संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 6,7198.0% |
| 6 | सुरिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1705.0% |
| 7 | सुभाष चन्द्र | 3,8334.6% | |
| 8 | केशो राम | 3,6704.4% | |
| 9 | सुब्बा सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 7200.9% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4990.6% |
| 11 | बीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.5% |
| 12 | रमेश पुत्र बरथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.4% |
| 13 | सतनाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 14 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 15 | जिले सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.3% |
| 16 | विक्रम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 17 | जाफ़रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 18 | बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.2% |
| 19 | पीरू राम संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 1340.2% |
| 20 | रिखिकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 21 | बनारसी निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 22 | अंगूरी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 23 | प्रवेश कुमार गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 24 | राम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 25 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 26 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 27 | नफे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 28 | प्रवीन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 29 | जोगी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 30 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 31 | साजिद निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 32 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 33 | सूरत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 34 | पृथ्वी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 35 | सुखबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घरौंडा से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 67.5% से बढ़कर 69.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।