घरौंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
वेद पाल (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 23.9% वोट पाकर घरौंडा सीट जीती और ओम प्रकाश (निर्दलीय) को 748 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 करनाल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 15 गुहला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
घरौंडा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 748 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वेद पाल कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 12,64623.9% |
| 2 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 11,89822.5% |
| 3 | बिशन सिंह जनता | जनता | 8,85716.7% |
| 4 | सूबे सिंह वाम दल | वाम दल | 6,32011.9% |
| 5 | सोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,96011.3% |
| 6 | मोहिंदर सिंह Lok Dal | Lok Dal | 3,5056.6% |
| 7 | रिशाला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9155.5% |
| 8 | मदन मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.9% |
| 9 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घरौंडा से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 63.9% से बढ़कर 67.5% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।