हरियाणा 1996 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
HVP: 33 सीटें (36.7%)SLAP: 24 सीटें (26.7%)BJP: 11 सीटें (12.2%)IND: 10 सीटें (11.1%)INC: 9 सीटें (10.0%)AIIC(T): 3 सीटें (3.3%)बहुमत के लिए 4690सरकार बनाने के लिए 46
  • HVP3336.7%
  • SLAP2426.7%
  • BJP1112.2%
  • निर्दलीय1011.1%
  • INC910.0%
  • AIIC(T)33.3%
चुनाव की कहानी

त्रिशंकु विधान सभा, और एक नया दावेदार

क्या हुआ

इस साल किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, और विधान सभा बनी।

हरियाणा विकास पार्टी ने कुल 90 सीटों में से 33 सीटें जीतीं, जो किसी भी एक पार्टी में सबसे ज़्यादा थीं।

एक बिल्कुल नई पार्टी, सोशल एक्शन पार्टी, अपने पहले ही चुनाव में 24 सीटें जीतकर ठीक पीछे रही।

क्या बदला

समर्थन किसी एक विजेता के पीछे जुटने के बजाय कई दलों में बिखर गया।

राज्य की 90 सीटों में से 72 सीटों पर पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।

सबसे बड़ा बदलाव यह था कि 15 सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस से सोशल एक्शन पार्टी के पास गईं — वही नई पार्टी जो दूसरे स्थान पर रही।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला घरौंडा, हरियाणा में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 11 वोट रहा, जो उस साल कहीं भी हुए सबसे कड़े मुक़ाबलों में से एक था।

दूसरी ओर, लोहारू, हरियाणा में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 44.3% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा रोड़ी, हरियाणा में रहा, जहाँ यह 84.0% तक पहुँचा।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता मेवला महाराजपुर, हरियाणा में थे, मतदाता सूची में 2,78,786 लोग थे।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव में नए दल पहली बार राज्य की राजनीति में भी उतरे।

सोशल एक्शन पार्टी और ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस (तिवारी), दोनों ने इस साल पहली बार हरियाणा की विधान सभा में सीटें जीतीं।

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RBI 2024-25

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