राजौंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सतविंदर सिंह (AIIC(T)) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 27.6% वोट पाकर राजौंद सीट जीती और राम कुमार (SLAP) को 2,924 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 बल्लबगढ़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 47 आदमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सतविंदर सिंह 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
34 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सतविंदर सिंह AIIC(T) | AIIC(T) | 18,17927.6% |
| 2 | राम कुमार SLAP | SLAP | 15,25523.1% |
| 3 | ओम प्रकाश BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 13,16820.0% |
| 4 | राम पाल | 6,91310.5% | |
| 5 | जगदीश | 5,2808.0% | |
| 6 | सतीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4952.3% |
| 7 | राम चन्द्र संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 9381.4% |
| 8 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 8321.3% |
| 9 | सतबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 5770.9% |
| 10 | सुरेश कुमार JHM | JHM | 5270.8% |
| 11 | गुलजार सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 3930.6% |
| 12 | पूरन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.5% |
| 13 | राम धारी ARS | ARS | 2740.4% |
| 14 | राम फल JP | JP | 2290.3% |
| 15 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
| 16 | दीवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.3% |
| 17 | बोध राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 18 | दुर्गा दत्त अत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 19 | सतबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 20 | आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 21 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 22 | बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 23 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 24 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 25 | राम मेहर निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 26 | विश्वजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 27 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 28 | जय किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 29 | विजय निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 30 | दिलबाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 31 | गोपी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 32 | सुल्तान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
| 33 | अजमेर निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
| 34 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजौंद से कौन जीता, 1977–2005
AIIC(T) ने यह सीट JP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AIIC(T) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 65.6% से बढ़कर 67.8% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।