दादरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सतपाल सांगवान (HVP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर दादरी सीट जीती और जगजीत सिंह (INC) को 11,421 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 64 का नाम दादरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 64 बहादुरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सतपाल सांगवान 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
42 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सतपाल सांगवान HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 33,69044.8% |
| 2 | जगजीत सिंह | 22,26929.6% | |
| 3 | शकुन्तला देवी SLAP | SLAP | 9,96813.3% |
| 4 | हुकम सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 4,0065.3% |
| 5 | गणपत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4742.0% |
| 6 | शिव चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 9711.3% |
| 7 | कृष्ण कुमार JP | JP | 4840.6% |
| 8 | सतबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.4% |
| 9 | घनशाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 10 | वेद निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 11 | मदन निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.2% |
| 12 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.2% |
| 13 | दिलबाग निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.2% |
| 14 | सतबीर पुत्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 15 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 16 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 17 | सतबीर पुत्र लच्छी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 18 | हरिन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 19 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 20 | राधे शाम पुत्र भोला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 21 | राधे शाम पुत्र मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 22 | अशोक कुमार पुत्र मंगल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 23 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 24 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 25 | सुरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 26 | छाजू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 27 | सत्यावान निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 28 | अशोक कुमार पुत्र उदय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 29 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
| 30 | विशंभर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 31 | मातू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 32 | हरपत सिंह | 340.1% | |
| 33 | आनन्द कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 34 | सहज राम निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 35 | सज्जन निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 36 | संजीव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 37 | रणधीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
| 38 | धर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 39 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 40 | हरसरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 41 | अनवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 42 | महिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दादरी से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.3% से बढ़कर 44.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 60.4% से बढ़कर 66.8% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।