दादरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
दहरामपाल सिंह (HVP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर दादरी सीट जीती और जगजीत सिंह (INC) को 80 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 64 का नाम दादरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 64 बहादुरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दादरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 80 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दहरामपाल सिंह HVP | HVP | 20,91833.3% |
| 2 | जगजीत सिंह | 20,83833.2% | |
| 3 | हुकम सिंह JP | JP | 14,17922.6% |
| 4 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8084.5% |
| 5 | ईश्वर सिंह | 2,5474.1% | |
| 6 | त्रिलोक चन्द सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.6% |
| 7 | ओम प्रकाश पुत्र राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.6% |
| 8 | विजय सिंह | 1840.3% | |
| 9 | ऋषिपाल आयरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
| 10 | गोबिन्द राम गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 11 | सूरज मल निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 12 | बिमला निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 13 | ओम प्रकाश पुत्र देवतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 14 | धर्मवीर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
| 15 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
| 16 | जय लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
| 17 | आनन्द कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
| 18 | सिमवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 19 | सत्यवीर सिंह HCYM | HCYM | 230.0% |
| 20 | रविन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दादरी से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह HVP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 64.1% से घटकर 60.4% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी HVP ने यह सीट अपने पास रखी।