ऐलनाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
भागी राम (SLAP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर ऐलनाबाद सीट जीती और करनैल सिंह (HVP) को 7,198 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 81 का नाम ऐलनाबाद था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 81 पुनहाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भागी राम SLAP | SLAP | 37,10740.9% |
| 2 | करनैल सिंह HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 29,90932.9% |
| 3 | मणि राम | 17,07118.8% | |
| 4 | जोगिंदर सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 1,9072.1% |
| 5 | बहादर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8050.9% |
| 6 | कुलवंत निर्दलीय | निर्दलीय | 6830.8% |
| 7 | सुच्चा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6610.7% |
| 8 | सावित्री देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4900.5% |
| 9 | बहादर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.5% |
| 10 | जगीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.4% |
| 11 | गोमती निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 12 | जैला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 13 | जीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 14 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 15 | छिंदा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 16 | दर्शन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 17 | गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 18 | सुल्तान निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 19 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 20 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 21 | करतारा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऐलनाबाद से कौन जीता, 1977–2005
SLAP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SLAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 69.2% से बढ़कर 74.1% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।