बहादुरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नफे सिंह पुत्र उमराव सिंह (SLAP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर बहादुरगढ़ सीट जीती और राज पाल (HVP) को 898 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 रोहट थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 37 उचाना कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बहादुरगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 898 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नफे सिंह पुत्र उमराव सिंह SLAP | SLAP | 27,55533.8% |
| 2 | राज पाल HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 26,65732.7% |
| 3 | सूरज मल | 13,70016.8% | |
| 4 | बिकानू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3015.3% |
| 5 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0533.7% |
| 6 | महिंदर पुत्र सीस राम JP | JP | 3,0123.7% |
| 7 | भगवान दास JHM | JHM | 1,3051.6% |
| 8 | नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.6% |
| 9 | नफे सिंह पुत्र सुझा चन्द संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 2740.3% |
| 10 | पन्ना लाल AIIC(T) | AIIC(T) | 2080.3% |
| 11 | यशवंत | 1660.2% | |
| 12 | स्वर्ण लता निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 13 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 14 | जय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 15 | महिंदर पुत्र सुझा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 16 | इन्द्र सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 17 | कर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 18 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 19 | मेहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 20 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहादुरगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
SLAP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SLAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 57.1% से बढ़कर 60.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।
- 1977मेहर सिंह (JNP), जीत का अंतर 22.0%
- 1982मांगे राम पुत्र दरियाव सिंह (LKD), जीत का अंतर 17.4%
- 1987मांगे राम (LKD), जीत का अंतर 35.5%
- 1991सूरज मल (INC), जीत का अंतर 5.0%
- 1996नफे सिंह पुत्र उमराव सिंह (SLAP), जीत का अंतर 1.1%
- 2000नफे सिंह (INLD), जीत का अंतर 2.1%
- 2005राजिंदर सिंह पुत्र सूरज मल (INC), जीत का अंतर 5.0%