बहादुरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सूरज मल (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.9% वोट पाकर बहादुरगढ़ सीट जीती और कप्तान चैत राम (JP) को 3,373 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 रोहट थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 37 उचाना कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सूरज मल 5.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सूरज मल | 20,95630.9% | |
| 2 | कप्तान चैत राम JP | JP | 17,58325.9% |
| 3 | मेहर सिंह राठी HVP | HVP | 8,87713.1% |
| 4 | हरिकिशन चिलर पुत्र सरदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,84113.0% |
| 5 | हरकिशन पुत्र जगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9998.8% |
| 6 | सत प्रकाश | 2,7434.0% | |
| 7 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 9491.4% |
| 8 | महाबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7581.1% |
| 9 | भले राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 10 | चरण सिंह पुत्र लो राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 11 | बलजीत पुत्र चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.2% |
| 12 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.2% |
| 13 | बलजीत सिंह पुत्र चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 14 | चरण सिंह पुत्र तेज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.2% |
| 15 | विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 16 | सुरेन्द्र कुमार सहरमा निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 17 | रोहतास निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 18 | हवा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 19 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 20 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहादुरगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 66.4% से घटकर 57.1% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SLAP ने जीती।
- 1977मेहर सिंह (JNP), जीत का अंतर 22.0%
- 1982मांगे राम पुत्र दरियाव सिंह (LKD), जीत का अंतर 17.4%
- 1987मांगे राम (LKD), जीत का अंतर 35.5%
- 1991सूरज मल (INC), जीत का अंतर 5.0%
- 1996नफे सिंह पुत्र उमराव सिंह (SLAP), जीत का अंतर 1.1%
- 2000नफे सिंह (INLD), जीत का अंतर 2.1%
- 2005राजिंदर सिंह पुत्र सूरज मल (INC), जीत का अंतर 5.0%