कैलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रमेश चन्द्र (HVP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 30.5% वोट पाकर कैलाना सीट जीती और वेद सिंह (SLAP) को 1,666 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 40 रोहतक थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 40 फतेहाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रमेश चन्द्र 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
36 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश चन्द्र HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 24,39030.5% |
| 2 | वेद सिंह SLAP | SLAP | 22,72428.4% |
| 3 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 18,44623.0% |
| 4 | विनोद | 3,1473.9% | |
| 5 | जय भगवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9133.6% |
| 6 | शांति देवी | 2,7513.4% | |
| 7 | अमरनाथ संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 9911.2% |
| 8 | नन्ही JHM | JHM | 7340.9% |
| 9 | रणबीर पुत्र राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 7140.9% |
| 10 | रमेश कुमार पुत्र रामपत निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.5% |
| 11 | कैलाश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.4% |
| 12 | मदन सिंह AIIC(T) | AIIC(T) | 2960.4% |
| 13 | साहब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.3% |
| 14 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 15 | सत्यपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 16 | देवेंद्र पुत्र चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.2% |
| 17 | रणबीर पुत्र राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 18 | धर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 19 | विष्णु दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 20 | सुभाष पुत्र करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 21 | दलेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 22 | सुभाष पुत्र धर्म सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 23 | कप्तान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 24 | हरद्वारी निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 25 | रविन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 26 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 27 | जगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 28 | जगदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 29 | यगदत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 30 | देवेंद्र पुत्र करीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 31 | हनीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 32 | सुभाष पुत्र राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 33 | कंवल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 34 | सतेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 35 | महावीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 36 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कैलाना से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह HVP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 64.3% से बढ़कर 69.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।