कैलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
शांति देवी (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर कैलाना सीट जीती और राजिंदर सिंह (VHP) को 4,850 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 40 रोहतक थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 40 फतेहाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शांति देवी जनता | जनता | 19,29943.9% |
| 2 | राजिंदर सिंह VHP | VHP | 14,44932.9% |
| 3 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,63612.8% |
| 4 | फतेह सिंह | 1,9854.5% | |
| 5 | नानक वाम दल | वाम दल | 1,3963.2% |
| 6 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5411.2% |
| 7 | प्रेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.9% |
| 8 | रामदिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कैलाना से कौन जीता, 1977–2005
इसके बाद 1982 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।