पलवलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
करण सिंह दलाल (HVP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर पलवल सीट जीती और सुभाष चौधरी (BSP) को 26,387 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 54 गुड़गांव थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 54 लोहारू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — करण सिंह दलाल 33.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करण सिंह दलाल HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 40,21950.6% |
| 2 | सुभाष चौधरी | 13,83217.4% | |
| 3 | किशन चन्द | 9,80812.3% | |
| 4 | देवेन्द्र सिंह चौहान SLAP | SLAP | 7,2039.1% |
| 5 | सुभाष चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3516.7% |
| 6 | बालकिशन सैनी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 6600.8% |
| 7 | मास्टर गिर्राज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5560.7% |
| 8 | राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.4% |
| 9 | भारत राम AIIC(T) | AIIC(T) | 2700.3% |
| 10 | कुंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 11 | धर्मवीर तेवतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.3% |
| 12 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
| 13 | बलजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 14 | शिव ओम निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 15 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 16 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 17 | राम सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 18 | राज सिंह खुटेला निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 19 | देव कुमार आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 20 | हरि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 21 | बिमला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पलवल से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.7% से बढ़कर 50.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 64.0% से बढ़कर 67.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RPI ने जीती।