पलवलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
करण सिंह दलाल (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 57.3% वोट पाकर पलवल सीट जीती और सुभाष चन्द (INLD) को 28,323 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 54 गुड़गांव थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 54 लोहारू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — करण सिंह दलाल 27.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करण सिंह दलाल UPA | UPA | 58,07457.3% |
| 2 | सुभाष चन्द NDA | NDA | 29,75129.4% |
| 3 | तुही राम | 8,8888.8% | |
| 4 | संजय पुत्र नेत राम NDA | NDA | 2,9112.9% |
| 5 | डॉ. निर्दलीय | निर्दलीय | 9320.9% |
| 6 | शीश राम LP(S) | LP(S) | 3710.4% |
| 7 | संजय पुत्र ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.2% |
| 8 | धर्मवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 9 | बीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, INLD और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पलवल से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट RPI से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2000 के 73.1% से घटकर 68.2% रह गया।