हरियाणा का पहला विधान सभा चुनाव
क्या हुआ
नए बने राज्य के पहले विधान सभा चुनाव में एक पार्टी को सरकार बनाने लायक़ साफ़ बढ़त मिली।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 81 सीटों में से 48 सीटें जीतीं।
इससे वह बहुमत के आँकड़े से 7 सीटें आगे रही।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय ने 33.0% वोटों के साथ 16 सीटें जीतीं।
क्या बदला
यह राज्य का पहला विधान सभा चुनाव था, इसलिए तुलना के लिए पहले का कोई चुनाव नहीं था।
नई विधान सभा के 81 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 471 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
कुल 5 दलों ने सीटें जीतीं, और निर्दलीयों को इनमें से 16 सीटें मिलीं।
उस पहले चुनाव में लगभग 69.1% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
अहम आँकड़े
उस पहली मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: समालखा, हरियाणा में (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 114 वोट रहा।
दूसरी ओर, मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर बड़ोपल, हरियाणा में रहा, जहाँ विजेता 43.3% वोटों से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) किलोई, हरियाणा में रहा, जहाँ 79.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
किसी भी सीट से ज़्यादा मतदाता फरीदाबाद, हरियाणा में थे, जहाँ 66,894 मतदाता पंजीकृत थे।
पृष्ठभूमि
यह अभी-अभी बने राज्य की पहली परीक्षा थी।