रोहटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
बी. सिंह (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर रोहट सीट जीती और एस. राम (INC) को 1,781 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 37 बहादुरगढ़ है।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,00141.9% |
| 2 | एस. राम | 11,22036.1% | |
| 3 | के. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,89612.5% |
| 4 | आर. एस. सी. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7032.3% |
| 5 | आर. एस. एस. राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6182.0% |
| 6 | एस. चन्द वाम दल | वाम दल | 2991.0% |
| 7 | धर्म निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.9% |
| 8 | लखमी निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.9% |
| 9 | सी. वती निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.8% |
| 10 | बी. सिंह | 1850.6% | |
| 11 | एच. चन्द वाम दल | वाम दल | 1780.6% |
| 12 | बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रोहट से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1968 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।