जुंडलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर. किशन (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर जुंडला सीट जीती और बी. राम (RPI) को 147 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 16 असन्ध है।
विजेता
जुंडला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 147 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. किशन | 10,84334.7% | |
| 2 | बी. राम | 10,69634.2% | |
| 3 | पी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,51014.4% |
| 4 | जे. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8449.1% |
| 5 | मुन्शी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1513.7% |
| 6 | पी. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9553.1% |
| 7 | एस. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जुंडला से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1968 के चुनाव में यह सीट RPI ने जीती।