उचाना कलांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बिरेन्द्र सिंह (AIIC(T)) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 28.2% वोट पाकर उचाना कलां सीट जीती और भाग सिंह (SLAP) को 3,912 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 फरीदाबाद थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 46 ऐलनाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिरेन्द्र सिंह AIIC(T) | AIIC(T) | 21,75528.2% |
| 2 | भाग सिंह SLAP | SLAP | 17,84323.1% |
| 3 | देश राज | 17,79423.1% | |
| 4 | जगफूल सिंह HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 10,84114.0% |
| 5 | रोशनी | 5,7437.4% | |
| 6 | प्रेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0401.4% |
| 7 | राजिंदर सिंह चहल निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.7% |
| 8 | दरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.5% |
| 9 | थंबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3200.4% |
| 10 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.3% |
| 11 | पिस्ता देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.3% |
| 12 | रामपाल श्योकंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 13 | ओम निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 14 | सुरेश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 15 | बलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 16 | आजाद सिंह मोर निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 17 | सूरत सिंह बैनीवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 18 | सतपाल उर्फ़ पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उचाना कलां से कौन जीता, 1977–2005
AIIC(T) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AIIC(T) की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 69.0% से घटकर 68.3% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।