उचाना कलांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बिरेन्द्र सिंह (INC) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 26.3% वोट पाकर उचाना कलां सीट जीती और रणबीर सिंह (JNP) को 1,632 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 फरीदाबाद थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 46 ऐलनाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बिरेन्द्र सिंह 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिरेन्द्र सिंह | 12,12026.3% | |
| 2 | रणबीर सिंह जनता | जनता | 10,48822.8% |
| 3 | जगरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,78419.1% |
| 4 | देश राज निर्दलीय | निर्दलीय | 8,64718.8% |
| 5 | सत्य पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3167.2% |
| 6 | राम कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0942.4% |
| 7 | राम रिछपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0922.4% |
| 8 | शमशेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.9% |
| 9 | खजान चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 900.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उचाना कलां से कौन जीता, 1977–2005
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।