फरीदाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
कंवलनैन गुलाटी (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर फरीदाबाद सीट जीती और कामदेव कपिल (INC) को 6,603 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 46 उचाना कलां है।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कंवलनैन गुलाटी निर्दलीय | निर्दलीय | 26,49846.1% |
| 2 | कामदेव कपिल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,89534.6% |
| 3 | नज़र मोहम्मद वाम दल | वाम दल | 7,72713.4% |
| 4 | गजिंदर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0323.5% |
| 5 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8821.5% |
| 6 | दीप चन्द भाटिया महागठबंधन | महागठबंधन | 4580.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और CPI को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदाबाद से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1968 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1968 के 51.7% से बढ़कर 58.4% हो गया।