पटौदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नारायण सिंह पुत्र बिछा राम (HVP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर पटौदी सीट जीती और राम वीर सिंह (SLAP) को 15,425 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 कनीना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 62 रोहतक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नारायण सिंह पुत्र बिछा राम 20.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण सिंह पुत्र बिछा राम HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | HVP BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 31,83443.2% |
| 2 | राम वीर सिंह SLAP | SLAP | 16,40922.3% |
| 3 | मोहन लाल | 11,69415.9% | |
| 4 | नारायण सिंह पुत्र गिरधारी लाल | 3,7085.0% | |
| 5 | हरद्वारी लाल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 3,3224.5% |
| 6 | भूपेन्द्र सिंह AIIC(T) | AIIC(T) | 2,2193.0% |
| 7 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4822.0% |
| 8 | रूप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1291.5% |
| 9 | संदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4810.7% |
| 10 | सुरजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.6% |
| 11 | करण सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 2900.4% |
| 12 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 13 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 14 | परमजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 15 | परभाती निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 16 | धनपत सिंह मेहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 17 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 18 | बाबूराम निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 19 | सुरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटौदी से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने यह सीट JP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह HVP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 55.3% से बढ़कर 60.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।