पटौदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मोहन लाल (JP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 35.1% वोट पाकर पटौदी सीट जीती और नारायण सिंह पुत्र बिछला राम (HVP) को 4,562 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 कनीना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 62 रोहतक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन लाल JP | JP | 21,56635.1% |
| 2 | नारायण सिंह पुत्र बिछला राम HVP | HVP | 17,00427.7% |
| 3 | शिव लाल | 12,54220.4% | |
| 4 | नारायण सिंह पुत्र गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0194.9% |
| 5 | मान सिंह | 2,5134.1% | |
| 6 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6312.7% |
| 7 | हरद्वारी लाल | 1,3372.2% | |
| 8 | ओम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6331.0% |
| 9 | तुलसी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.5% |
| 10 | बराहन सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.3% |
| 11 | जगे राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.3% |
| 12 | गोरे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.3% |
| 13 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 14 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 15 | प्रेम जीत निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 16 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटौदी से कौन जीता, 1977–2005
JP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 64.8% से घटकर 55.3% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।