पटौदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
मोहन लाल (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 42.7% वोट पाकर पटौदी सीट जीती और नारायण सिंह (निर्दलीय) को 797 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 कनीना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 62 रोहतक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पटौदी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 797 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन लाल कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 22,73942.7% |
| 2 | नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 21,94241.2% |
| 3 | गोरे लाल Lok Dal | Lok Dal | 6,20011.6% |
| 4 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2432.3% |
| 5 | मारू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.5% |
| 6 | ज्वाला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.5% |
| 7 | रूप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.5% |
| 8 | मुरारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
| 9 | दुली चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
| 10 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और LKD को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटौदी से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट VHP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 55.7% से बढ़कर 63.6% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।