मुलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रिसाल सिंह (SLAP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 26.5% वोट पाकर मुलाना सीट जीती और फूल चन्द (INC) को 1,662 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 7 नग्गल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 7 सढौरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मुलाना का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,662 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रिसाल सिंह SLAP | SLAP | 22,59226.5% |
| 2 | फूल चन्द | 20,93024.5% | |
| 3 | मांगे राम BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | BJP-HVP Alliance (Haryana, 1996) | 19,86523.3% |
| 4 | अशोक कुमार पुत्र राम नाथ | 17,69120.7% | |
| 5 | जितेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5851.9% |
| 6 | सतपाल AIIC(T) | AIIC(T) | 7870.9% |
| 7 | गुरदेव सिंह BSP(A) | BSP(A) | 6790.8% |
| 8 | जसपाल ICS | ICS | 4750.6% |
| 9 | कृष्ण चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.5% |
| 10 | संपूरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 11 | अशोक कुमार पुत्र बसु राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 12 | दया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुलाना से कौन जीता, 1977–2005
SLAP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SLAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 67.3% से बढ़कर 71.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INLD ने जीती।