नग्गलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
हरमोहिंदर सिंह चट्ठा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 60.0% वोट पाकर नग्गल सीट जीती और मोहिंदर सिंह (निर्दलीय) को 10,110 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 7 मुलाना है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरमोहिंदर सिंह चट्ठा 26.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरमोहिंदर सिंह चट्ठा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 23,12560.0% |
| 2 | मोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,01533.7% |
| 3 | शमशेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8584.8% |
| 4 | अच्छरी लाल | 5761.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नग्गल से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.8% से बढ़कर 60.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1968 के 52.6% से बढ़कर 69.8% हो गया।