डबवालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
डॉ. सीता राम (INLD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 62.0% वोट पाकर डबवाली सीट जीती और लाभ सिंह (INC) को 26,993 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 84 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 84 पलवल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डॉ. सीता राम 32.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. सीता राम INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 51,67262.0% |
| 2 | लाभ सिंह | 24,67929.6% | |
| 3 | मेजर सिंह | 5,1536.2% | |
| 4 | हेत राम HVP | HVP | 6670.8% |
| 5 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.7% |
| 6 | प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.6% |
| 7 | बीना रानी निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INLD और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डबवाली से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने यह सीट SLAP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INLD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 73.0% से घटकर 70.0% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INLD ने यह सीट अपने पास रखी।