डबवालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
गोवर्धन दास चौहान (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 47.7% वोट पाकर डबवाली सीट जीती और मणि राम (LKD) को 540 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 84 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 84 पलवल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
डबवाली का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 540 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोवर्धन दास चौहान कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 27,23447.7% |
| 2 | मणि राम Lok Dal | Lok Dal | 26,69446.7% |
| 3 | साहिब राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0531.8% |
| 4 | गुरनाम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6861.2% |
| 5 | जसा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.8% |
| 6 | नोपा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.6% |
| 7 | रामेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.5% |
| 8 | कृष्ण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.4% |
| 9 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और LKD को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डबवाली से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.4% से बढ़कर 69.9% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।