जीन्दविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
मांगे राम गुप्ता (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर जीन्द सीट जीती और गुलशन लाल (INLD) को 4,643 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 48 पलवल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 48 उकलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मांगे राम गुप्ता 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मांगे राम गुप्ता | 41,62144.2% | |
| 2 | गुलशन लाल NDA | NDA | 36,97839.3% |
| 3 | बलवंत सिंह दालमवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6046.0% |
| 4 | रामेश्वर दास NDA | NDA | 4,2624.5% |
| 5 | शिव नारायण HVP | HVP | 3,8564.1% |
| 6 | सोमबीर पहलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 7820.8% |
| 7 | सतीश निर्दलीय | निर्दलीय | 4690.5% |
| 8 | मंगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.3% |
| 9 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 10 | राजेन्द्र प्रसाद बरवाला AJBP | AJBP | 1150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, INLD और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जीन्द से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट HVP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। यह 1982 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1996 जितना ही रहा: 69.8%। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।