समालखाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
करतार सिंह भड़ाना (INLD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 42.4% वोट पाकर समालखा सीट जीती और हरि सिंह नलवा (INC) को 12,015 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 18 का नाम समालखा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 18 पुण्डरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करतार सिंह भड़ाना INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 37,17442.4% |
| 2 | हरि सिंह नलवा | 25,15928.7% | |
| 3 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 16,72219.1% |
| 4 | रमेश चन्द | 3,4834.0% | |
| 5 | ऋषि प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3432.7% |
| 6 | जनेश्वर NLP | NLP | 7230.8% |
| 7 | गोरी शंकर HVP | HVP | 4210.5% |
| 8 | अमोलक राज निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.4% |
| 9 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.4% |
| 10 | बलराज छोकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.3% |
| 11 | पी.पी. कपूर निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 12 | अरुण निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 13 | चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
समालखा से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने यह सीट HVP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INLD की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 72.5% से घटकर 71.8% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।