हरियाणा 1991 के नक्शे पर वापस जाएँ
हरियाणा · विधान सभा सीट नंबर 18

समालखाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991

हरि सिंह (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर समालखा सीट जीती और कटार सिंह (INC) को 1,746 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 18 का नाम समालखा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 18 पुण्डरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

हरि सिंह
JD· जनता दल
JD 34.3%INC 31.8%7 अन्य 33.9%
मिले वोट
24,225
मतों का 34.3%
जीत का अंतर
1,746
कुल वोटों का 2.5%
उम्मीदवार
9
मतदान प्रतिशत
67.2%
1,05,034 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। हरि सिंह 2.5% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

9 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
हरि सिंह
जनता दल
जनता दल
24,22534.3%
2
कटार सिंह
22,47931.8%
3
फूल पति
JP
JP
19,95728.3%
4
ओम प्रकाश
2,5593.6%
5
जय पाल पुत्र देवी राम
निर्दलीय
निर्दलीय
8691.2%
6
सुरिंदर
निर्दलीय
निर्दलीय
1760.3%
7
जय पाल पुत्र रचबीर सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
1320.2%
8
राम फल
निर्दलीय
निर्दलीय
1160.2%
9
सत पाल
निर्दलीय
निर्दलीय
1120.2%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
2.5%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
67%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
90 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 46

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
34.3%JD की जीत
JD 34.3%INC 31.8%JP 28.3%अन्य 5.6%

यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

समालखा से कौन जीता, 1977–2005

JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 73.8% से घटकर 67.2% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।

  1. 1977मूल चन्द (JNP), जीत का अंतर 19.1%
  2. 1982कटार सिंह (INC), जीत का अंतर 7.6%
  3. 1987सचदेव (LKD), जीत का अंतर 6.7%
  4. 1991हरि सिंह (JD), जीत का अंतर 2.5%
  5. 1996करतार सिंह भड़ाना (HVP), जीत का अंतर 2.7%
  6. 2000करतार सिंह भड़ाना (INLD), जीत का अंतर 13.7%
  7. 2005भारत सिंह (INC), जीत का अंतर 22.3%