झज्जरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
दरियाब सिंह (निर्दलीय) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 38.5% वोट पाकर झज्जर सीट जीती और फूल चन्द (INC) को 10,910 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 35 सोनीपत थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 35 सफीदों है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दरियाब सिंह 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दरियाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 25,05238.5% |
| 2 | फूल चन्द | 14,14221.7% | |
| 3 | लाल चन्द HVP | HVP | 11,69718.0% |
| 4 | चन्द राम NDA | NDA | 10,08815.5% |
| 5 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1073.2% |
| 6 | संत लाल | 9571.5% | |
| 7 | उमराव सिंह | 4260.7% | |
| 8 | तुलसी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.6% |
| 9 | सुधीर कुमार | 2000.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झज्जर से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट HVP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 58.8% से घटकर 56.2% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।