बरोदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
रमेश कुमार खटक (INLD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 52.1% वोट पाकर बरोदा सीट जीती और शाम चन्द (INC) को 12,020 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 38 हसनगढ़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 38 नरवाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रमेश कुमार खटक 17.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश कुमार खटक INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | INLD-BJP Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 35,96652.1% |
| 2 | शाम चन्द | 23,94634.7% | |
| 3 | बलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5199.4% |
| 4 | चन्द्र भान HVP | HVP | 9411.4% |
| 5 | बलराज | 9401.4% | |
| 6 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.7% |
| 7 | राजबीर | 1840.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INLD, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरोदा से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने यह सीट SLAP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INLD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.8% से बढ़कर 69.1% हो गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INLD ने यह सीट अपने पास रखी।